सुल्तान आ गया
सुल्तान आ गया
अभी तो उसे भी यह नहीं पता होगा कि उसे कितनी तबाही और मचानी है
दीवाल जैसे दो टुकड़ों में तोड़ गई हो बीच में से बुरादे का दुआ निकल रहा हो वैसे ही बीच में से सुल्तान की वापसी होती है
होटल का मालिक आंखें फाड़े देखा जा रहा था सुल्तान के पैर जैसे जमीन में धंस गए थे जब इतनी तेजी से कोई नीचे उतरेगा यही तो होगा
सभी की आंखें फाड़े देख रहे थे जैसे मैंने कोई भूत देख लिया हो लेकिन उन्हें यह नहीं पता था किस सुल्तान आ गया है
उसने सभी को बोलते हुए देखा और से सामने वाली दीवार को घुसा मारते हुए जैसे कि कोई बुलडोजर निकलता है वैसे ही निकल गया
सुल्तान की शुरुआती कहानी कुछ इस तरीके से है कि वह सिर्फ एक पढ़ाकू और सीधा बच्चा हुआ करता था मगर जैसे ही उसे इस दुनिया की सच्चाई का मालूम हुआ तभी से उसने ठान लिया कि वह अब और इनके नक्शे कदमों पर नहीं चलने वाला है
नदी में डुबकी मार के अपनी क्षमता को आजमाना सीख लिया था उसने
अपनी क्षमता को परखने के लिए पानी में घंटों तक अभ्यास करता था कई बार तो पूरे दिन तक नहीं निकलता था
अपने से 10 गुना भारी तक के पत्थरों को उठा लेना उसने अपने अभ्यास की प्रथम श्रेणी में रखा हुआ था
बंदरों की तरफ पेड़ों पर चढ़ाई करना चीते की तरफ फुर्ती होना यह कोई आम बात नहीं थी उसके लिए सुल्तान ने दिन रात एक कर दिया था
बहुत ही अरियल बच्चा था वह बचपन से माता पिता के डांटने पर चुपचाप किसी कोने में बैठ जाने वाला कोई बच्चा
किताबों पर चित्रकारी करने वाला और ज्यादा ना बोलने वाला बच्चा जब इतनी ताकत की गुहार लगाता है तो हैरान होना बनता है
आंखें इस तरह की जैसे कि किसी को खून की गंध लग गई हो
बाल इस तरीके के जैसे कि किसी ने रेशम के पानी से उनकी सिंचाई की हो
जलता हुआ दिया उसकी आंखों में दिखाई देता था मानो किसी ने आग लगा दी हो
उसके जैसा तो कोई ताकतवर नहीं था लेकिन फिर भी उसे और भी ताकत की लालच होने लगी थी
रास्ते में पड़े पत्थर को ठोकर मार के हटाना उसकी फितरत में नहीं था
अपनी ताकत के कारण वह इतना ज्यादा बोर होता था की कभी कबार जिंदा पेड़ों को भी जड़ से उखाड़ कर फेंक देता था
ताकत का वह भंडार जो कभी खाली नहीं हो सकता जिसने भी उस से पंगा लेने की कोशिश की उसका सर इस जमीन में गाड़ देता है
अभी तो उसे भी यह नहीं पता होगा कि उसे कितनी तबाही और मचानी है
दीवाल जैसे दो टुकड़ों में तोड़ गई हो बीच में से बुरादे का दुआ निकल रहा हो वैसे ही बीच में से सुल्तान की वापसी होती है
होटल का मालिक आंखें फाड़े देखा जा रहा था सुल्तान के पैर जैसे जमीन में धंस गए थे जब इतनी तेजी से कोई नीचे उतरेगा यही तो होगा
सभी की आंखें फाड़े देख रहे थे जैसे मैंने कोई भूत देख लिया हो लेकिन उन्हें यह नहीं पता था किस सुल्तान आ गया है
उसने सभी को बोलते हुए देखा और से सामने वाली दीवार को घुसा मारते हुए जैसे कि कोई बुलडोजर निकलता है वैसे ही निकल गया
सुल्तान की शुरुआती कहानी कुछ इस तरीके से है कि वह सिर्फ एक पढ़ाकू और सीधा बच्चा हुआ करता था मगर जैसे ही उसे इस दुनिया की सच्चाई का मालूम हुआ तभी से उसने ठान लिया कि वह अब और इनके नक्शे कदमों पर नहीं चलने वाला है
नदी में डुबकी मार के अपनी क्षमता को आजमाना सीख लिया था उसने
अपनी क्षमता को परखने के लिए पानी में घंटों तक अभ्यास करता था कई बार तो पूरे दिन तक नहीं निकलता था
अपने से 10 गुना भारी तक के पत्थरों को उठा लेना उसने अपने अभ्यास की प्रथम श्रेणी में रखा हुआ था
बंदरों की तरफ पेड़ों पर चढ़ाई करना चीते की तरफ फुर्ती होना यह कोई आम बात नहीं थी उसके लिए सुल्तान ने दिन रात एक कर दिया था
बहुत ही अरियल बच्चा था वह बचपन से माता पिता के डांटने पर चुपचाप किसी कोने में बैठ जाने वाला कोई बच्चा
किताबों पर चित्रकारी करने वाला और ज्यादा ना बोलने वाला बच्चा जब इतनी ताकत की गुहार लगाता है तो हैरान होना बनता है
आंखें इस तरह की जैसे कि किसी को खून की गंध लग गई हो
बाल इस तरीके के जैसे कि किसी ने रेशम के पानी से उनकी सिंचाई की हो
जलता हुआ दिया उसकी आंखों में दिखाई देता था मानो किसी ने आग लगा दी हो
उसके जैसा तो कोई ताकतवर नहीं था लेकिन फिर भी उसे और भी ताकत की लालच होने लगी थी
रास्ते में पड़े पत्थर को ठोकर मार के हटाना उसकी फितरत में नहीं था
अपनी ताकत के कारण वह इतना ज्यादा बोर होता था की कभी कबार जिंदा पेड़ों को भी जड़ से उखाड़ कर फेंक देता था
ताकत का वह भंडार जो कभी खाली नहीं हो सकता जिसने भी उस से पंगा लेने की कोशिश की उसका सर इस जमीन में गाड़ देता है
सॉरी मार्ग से थोड़ा भटक गया था
कभी ऐसा फील नहीं हुआ था
ताकत की वह लहर जो पूरे होटल को तबाह करने पर तुली हुई थी
सुल्तान जैसे ही बाहर निकलता है उसे दिखता है कि मुजाहिद बहुत ही डरा हुआ है सामने की तरफ देखे जा रहा है
उसकी गर्दन पकड़कर उसे दूर तक घसीटते है
मुजाहिद चिल्लाने लगता है जैसे किसी ने उसकी पैरों में नुकीला पत्थर चुभो दिया हो
पर अब यह देखना मजा आ रहा है कि जो भी सुल्तान से पंगा लेता है उसका क्या हशर होता है लोगों की जबान बाहर आ गई थी यह सब देख कर के
आखिर यह अकेला बच्चा इतनी भयानक चीजें कैसे कर सकता है
पिटने वाले को भी अंदाजा हो गया था की चीजें परख कर ही समझी जाती हैं और यह उसके लिए काफी भारी हो चुका था
सुल्तान उस्ता है उठता है और फिर चला जाता है
सुल्तान तब तक कहीं निकल चुका था कहां गया मालूम नहीं मगर उसके आने का खौफ वहां रहने वाले सभी लोगों ने जिंदगी में पहली बार महसूस कर लिया था
दोस्तों मित्रों को बताते मगर वह यकीन ही नहीं करते कि ऐसा भी कोई कर सकता है दीवाल में 3 मीटर का छेद हो चुका था वह इंसान था या भगवान यह भी मालूम नहीं पड़ा
पता भी कैसे चलता और जिस गति से आया था उसी गति से चला भी गया मानव जैसे कोई हवा का झोंका हो उसकी ताकत की मिसाले पूरे गांव में अभी भी चलती हैं अभी भी दी जाती हैं
हमने सुपर ह्यूमन जैसी चीज जरूरत पड़ी थी पर अब जब आंखों से देखने का सवाल आ गया था तब खौफ का ही चिंतन हो रहा था
साथ बात की एक बात उसके जैसा ना कोई हुआ था और ना मुझे लगता है और कोई होगा


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