पता नहीं क्या है





बातें साफ थी ना वह हमें जानता था ना हम उन्हें उसे फिर भी पता नहीं कैसा जी मचल सजाता था जब वह दृश्य सामने आता था मैं अपने घर आया अपनी चप्पल उतारी और टीवी के सामने आकर बैठ गया न्यूज़  देखने लगा ही था 



कि पता चला जंगल में पेड़ काटे गए हैं अजीब तरीके से जमीन पर गिरे हुए थे मानव किसी भारी चीज में उन पर क्षति पहुंचाई हो देखने में किसी बुलडोजर का काम तो नहीं लग रहा था जिसने भी यह करा था वह कोई इंसान नहीं हो सकता  



कईयों को जड़ से भी उखाड़ दिया गया था दुनिया में कोई भी ऐसी मशीन नहीं है जिसने जिसमें इस तरह की ताकत हो पर यह सिर्फ पेड़ ही थे इसलिए ज्यादा किसी ने ध्यान नहीं दिया


मुझे भी दिलचस्पी हुई तो मैं भी उन पेड़ों को देखने चला गया टीवी में तो छोटे दिख रहे थे मगर असलियत में काफी बड़े और भारी पेड़ थे नोचने खरोच ने के निशान भी उस पर दिखाई दे रहे थे



 बिल्कुल साफ साफ जमीन वहां की पूरी तरह से रौंदी हुई थी मानो किसी भालू  की पूरी नस्लें



वहां आकर अपना नाच दिखा गई हो वन्य प्रेमियों के तो होश उड़ गए थे जो पत्थर बुलडोजरओ से भी नहीं तोड़े जा सकते थे वह पत्थर किसी अलौकिक शक्ति   कारण जमीन पर कंकड़ की तरह बिखरे हुए थे 



मैं लोगों से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने बताया कि यह काम एक ही भगवान कर सकता है और वहां है स्वयं हनुमान जी


जय श्री राम का शोर होने लगा गांव वाले एकत्रित हो गए और वहां पर मंदिर बनाने की बात करने लगे पर जो इस बारे में सीरियस थे उन्हें ही सिर्फ यह सब देख कर डर लगने लगा था 


थोड़ा सा अंदाजा तो मुझे भी हुआ था कि वह कोई आम इंसान तो नहीं हो सकता


सभी लोग बाद में अपने काम में इतने  मशगूल हो गए की किसी ने बाद में इस पर ध्यान ही नहीं दिया बाद में जाकर आर्कियोलॉजिकल टीम ने अध्ययन किया तो पाया कि यह किसी भालू या हाथी का काम नहीं है यह किसी आदमी ने किया है 


खैर यह बातें तो चलती रहती हैं भूतों का होना लंबे बालों वाले वनमानुष का होना जैसी चीजें सुनाई पड़ती रहती हैं इन पर ध्यान देना हमारा काम नहीं है

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