रोज-रोज की कहानी

रोज-रोज की कहानी



हमेशा की तरह अपने पापा के ऑफिस में बैठा हुआ था सामने फलों और सब्जियों की रेडी या लगी हुई थी
 बाजू में फ़र्टिलाइज़र पेस्टिसाइड की दुकान ग्राहकों से भरी हुई थी कई दिनों बाद देखने को मिल रहा है इतनी भीड़ हो गई है


 सामान का स्टोरेज में पहले की तरह ही दिखाई दे रहा है लोग रोड पर बिना रुके अब फिर से चलने लगे हैं दिन पहले कि जैसा ही हो गया है पता नहीं कितने दिन तक रहने वाला है


 पर यह सब देख कर अच्छा लग रहा है स्कूल के साथी रे भी मेरे घर मुझसे मिलने आए थे वही स्कूल वाली शैतानियां एक दूसरे को परेशान करना सभी कुछ वैसा ही था जैसा पहले मैं छोड़ कर गया था


 ऐसा लगता है कुछ बदला ही ना हो हम उसी स्कूल वाली स्थिति में थे झुंड बनाकर खड़ा होना दूसरे लड़कों और लड़कियों के बारे में बातें करना पूछना कि तुम क्या कर रहे हो तुम्हारा आगे का प्लान क्या है


 बहुत ही बोरिंग सा लगता है अगर यही तो हम करते आ रहे हैं कोविड-19 हमारे दुनिया को बदल कर रख दिया है अब लोगों के मुंह पर मास्क देखना आम हो चुका है इस वक्त को


इस वक्त को यह सब बदल कर रख दिया है फटाक से एक लहराई और सब कुछ बदल के रख दिया पलक  झपक भी मौका नहीं दिया इस डिजीज ने पलक झपकते ही चीजों को सोचने समझने की और पढ़ाई करने की छवि बदल दी गई


कहानी अपनी उल्टी नहीं है सीधी सी कहानी है एक बच्चा है जिसने पढ़ाई खत्म करके बारहवीं की
और बाहर पढ़ने चला गया सोचा था कुछ नया सीखने को मिलेगा और मिला भी पर यह भी सो जाता सोचा था कि नजरिया बदल जाएगा मगर नजरिया वही रहा और हमारे नगर की सूरत भी वही रही


 यही तो जिंदगी का खेल है जो तुम सोचते हो वह होता नहीं है वहां पहुंचने के बाद पता चलता है
इस आपदा ने कितनों की जिंदगी  छीन ली कितनों की रोजी-रोटी छीन ली कितनों को घर से बेघर कर दिया
 इसका अंदाजा अभी तक नहीं लग पाया है माना जा रहा है कि अभी और कठिनाइयां आने बाकी हैं हमें उनके लिए तैयार रहना यह साल पता नहीं क्या क्या दिखाएगा


 कई देशों में तो लाखों की संख्या में लोग मारे गए हैं यह सब दिखाता है कि हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था और स्वास्थ अनुसंधान कितना ज्यादा नीचे गिरा हुआ है   हम इस आती हुई लहर को रोक सकते थे मगर हम में से किसी ने भी जरूरी कदम नहीं उठाए


 यह शर्मनाक बात है हमें इससे कुछ सीख लेना चाहिए


घर पर सोया आराम कर रहा था कितना भी मुझे याद पड़ा की नहाना भी है मैंने टावल लिया और बाथरूम में चला गया


 पानी काफी गर्म था गर्मी के दिन में और क्या ही एक्सपेक्ट कर सकते हैं गरम गरम पानी से नहाना पड़ा शरीर की गंदगी तो  धोनी ही थी 


बाहर से आकर मन विचलित सा होने लगता है इसलिए करना जरूरी है दिनभर की काफी सारे के काफी सारे प्लान कर रखे थे 


पर कहां से शुरू करो यह पता नहीं था कहीं से भी करता हूं लेकिन जल्दी शुरू करना होगा दिन का काफी तेजी से निकल रहा है पहले तो स्कूल के ग्राउंड में जाऊंगा और दोस्तों से मिलूंगा काफी दिन हो गए  मुझे मिले हुए 


गप्पे मारेंगे और फिर कुछ खाने के लिए चले जाऊंगा पर इतना सोच क्यों रहा हूं जल्दी करना पड़ेगा मैं अपने घर से बाहर निकला और चाबी तारा लगाना भूल गया वापस जाकर लगाना पड़ा ऑटो लेकर सीधा स्कूल ग्राउंड पर पहुंचा


 वहां देखता हूं तो पहले ही पार्टी चल रही है पीछे से दोस्तों  को धप्पा किया वह भी शातिर थे मुंह पर  केक लपेट दिया  


काफी मस्ती मजाक करने के बाद हम एक  ढाबे पर पहुंचे   पराठा खाना और लस्सी सभी की पसंद थी तो हमने वही मंगाया पता चला वही खाकर लोग सोने लगे  लगे हैं


 हम लोग हिम्मत करके उठे और अपनी बाइक लेकर कहीं निकल पड़े कहां निकल पड़ें हमें खुद भी नहीं पता था जाना कहीं तो था पर  बाइक जंगल की तरफ मुड़ गई


 ऐसा लग रहा था किसकी आत्मा  घुस गई हो अपने आप ही भागी जा रही थी हमने भी स्पीड बढ़ा दे अंदर की तरफ चलेगा पहले लगा था जीपीएस के द्वारा रास्ता खोज लेंगे पर आगे जाकर समझ में आ गया


 जंगल हमसे भी ज्यादा मुश्किल है जीपीएस भी काम करना बंद कर दिया तो यहां पर था यहां पर अब क्या करें  मुश्किल में पड़ गए जानवर की आवाज मुश्किलों को और भी  बढ़ा रही थी


हे भवानी कहां आकर फस गए कोई इंसान भी यहां पर दिखाई नहीं देता किससे पूछें कि कहां जाना है पानी की आवाज सुनाई दी तुम उसी तरह बढ़ गए 


पानी के रास्ते चलते चलते हैं थोड़ा बहुत लोग दिखाई दिया हमने मांगी उनसे मदद मांगी तो उन्होंने हमें हाईवे का रास्ता बता दिया उसी तरफ निकल पड़े हम लोग फिर देखा 10 10 मिस कॉल मोबाइल फोन में आ रखे हैं 


हमारे माता पिता के अब क्या करें हमने हाईवे से गाड़ी घुमाई घर की ओर चल पड़े शाम तो वैसे ही हो चुकी थी अगर उस जंगल में रात गुजारनी पड़ती तो हमारी  लग जाती


 घर आकर मां बाप के गालियां खाई और थक कर सो गया इतना बुरा दिन किसी का भी ना पीते बीते जितना मेरा बीता है वैसे एडवेंचर स्पोर्ट  करने में मजा


 कल का प्रोग्राम भी लगता है आज ही सेट करना होगा क्या जिंदगी हो चुकी है

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